पहली ही बारिश में वाशी का एपीएमसी बाजार डूबा

Share:

करीब 70 एकड़ क्षेत्रफल और 3700 गोदामों तथा 1500 व्यापारिक गालों में फैले एशिया की सबसे बड़े कृषि उपज थोक मंडी मानसून की पहली ही बारिश में डूब गई। हालांकि पूरी मंडी में हर जगह पानी भरने की एक वजह कम समय में हुई अतिवृष्टि रही।

यहां के व्यापारियों का भी कहना थ कि हर साल मानसून के चार महीने हम थोक व खुदरा व्यापारियों, माथड़ियों, ट्रांसपोर्टरों व यहां आने वाले अन्य सभी के लिए लगभग नर्क समान हो जाता है। मानसून के दौरान पूरे थोक बाजार की स्थिति बद से बदतर हो जाती है और बाजार समिति प्रशासन इसे रोकने के लिए बातों और कागजी योजनाओं के अलावा कुछ नहीं करता।

थोक व्यापारियों ने यह भी कहा कि हम दुनिया भर का कर भरते हैं पर जैसे ही मानसून आता है, यहां का ड्रेनेज सिस्टम रसातल में चला जाता है।

वाशी का पूरा थोक बाजार विशेषकर सब्जी, फल और आलू-प्याज के थोक बाजारों में रात 2 बजे से ही व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। शुक्रवार की रात जैसे ही मानसून की पहली झड़ी लगी, थोक सब्जीमंडी के प्रवेशद्वार और आसपास की सड़कें बरसाती पानी में पूरी तरह से डूब गईं। इसके चलते आपूर्तिकर्ताओं, व्यापारियों, ग्राहकों और माथाडी व अन्य मजदूरों का थोक सब्जीमंडी में घुसना तक मुश्किल हो गया।

वाशी एपीएमसी सब्जी मंडी में बाढ़, वाशी के एपीएमसी में एक घंटे की बारिश के बाद सब्जी के थोक मंडी में बाढ़ जैसी हालत हो गई.