प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुरी प्रेम, 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी?

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ओडिशा स्थित पूरी मे विश्व का सर्वाधिक विशाल और सुप्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जाती  है , इसके साथ साथ  दुसरी सबसे बड़ी रथयात्रा गुजरात के अहमदाबाद में निकाली जाती है। गुजरात में नरेंद्र मोदी के मुख्यम्नत्री रहते हुए  रथयात्रा की लोकप्रियता बढ़ी क्योंकि मोदी इस मे खुद शामिल होते थे । उसी समय मोदी ने भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से ओडिशा के लोगो के दिल मे बस गए थे।
 क्या पूरी सीट से नरेंद्र मोदी  2019 के लोकसभा चुनाव लड़ेंगे ?
ऐसा पहले देखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  2 लोकसभा सीटो से चुनाव लड़ते है| ऐसे कयास लगाए जा रहे है की एक सीट तो वाराणसी जिससे वो वर्तमान सांसद है, दूसरी सीट पुरी(ओडिशा) हो सकती है । सरकार के 4 साल पूर्ण  होने पर कटक में बड़ी धूमधाम से प्रधानमंत्री मोदी की रैली तैयारी की जा रही है |   सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी के पूरी से चुनाव लड़ने की युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है । 26 मई को प्रधानमंत्री मोदी ओडिशा के कटक में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और चुनावी बिगुल फूकेंगे। इस वक़्त पूरी से बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्र सांसद है।
जनाधार बढ़ाना है लक्ष्य- 
पूरी से चुनाव लड़कर प्रधानमंत्री मोदी  एक तीर से कई निशाना साधने की कोशिश करेंगे | वास्तव में बीजेपी ओडिशा,पश्चिम बंगाल,तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में अपने वोट प्रतिशत के साथ सीटों को बढ़ाना चाहती है । खास यह है कीं इन 4 राज्यो में बीजेपी की सरकार नही है । बीजेपी की नजर इन 4 राज्यो कीं 105 लोकसभा सीटो पर है । 2014 के लोकसभा आम चुनाव में यहाँ बीजेपी को सिर्फ 6 सीटे मिली थी । हाल ही में पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में बीजेपी यहां दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी है और उड़ीसा में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था।आंध्रप्रदेश में बीजेपी और तेलगुदेशम पार्टी गठबंधन टूटने के बाद पार्टी यहाँ विस्तार करने में जुटी है । 
अगर प्रधानमंत्री पूरी से चुनाव लड़ते है तो एक धार्मिक संदेश भी है । वाराणसी में उन्होंने भगवान शंकर और माँ गंगा का आशीर्वाद लिया तो इस बार अगर प्रधानमंत्री पूरी से चुनाव लड़ते है तो भगवान विष्णु से इसे जोड़ा जाएगा। बता दे कि पूरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान विष्णु के कृष्ण रूप की पूजा होती है। आंध्रप्रदेश,तेलंगाना,पश्चिम बंगाल और ओडिसा में भगवान विष्णु के ठाकुर रूप की पूजा होती है ।अब  यह देखना है कि मोदी का पूरी फैक्टर (जगन्नाथ धाम) में  क्या रंग लाता है।