डीजीपी ऑफिस के सामने से नाले तक पहुंची थी युवती, सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

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लखनऊ
लापता होने के पांच दिन बाद जिस युवती का शव पुलिस को नाले में मिला वह डीजीपी कार्यालय के सामने से ही पैदल जाती हुई सीसीटीवी फुटेज में देखी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह कैमरा डीजीपी कार्यालय की बिल्डिंग में लगा है। परिवारीजनों का कहना है कि अगर पहले ही दिन पुलिस ने फुटेज खंगाल ली होती तो शायद उनकी बेटी जिंदा होती। वहीं, डायरी में लिखी बातों को सूइसाइड नोट मानने पर सवाल उठने के बाद अब हैंडराइटिंग की फरेंसिक जांच करवाई जा रही है।
पुलिस की लापरवाही
वन विभाग कॉलोनी से लापता युवती का डीजीपी कार्यालय के पास शव मिलने के मामले में हजरतगंज पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। एएसपी पूर्वी के मुताबिक सीसीटीवी कैमरे में युवती 31 मार्च की दोपहर डीजीपी कार्यालय के सामने से लोहिया पथ की ओर जाते नजर आई, लेकिन पुलिस को पांच दिन बाद 4 अप्रैल को उसका शव नाले में मिला। इससे साफ जाहिर है कि परिवारीजनों की सूचना के बाद पुलिस ने युवती को तलाशने का प्रयास किया होता तो यह फुटेज उसी दिन हाथ लग गई होती।परिवारीजनों का कहना है कि पुलिस विभाग के मुखिया के कार्यालय में ही लगे कैमरों को खंगालने का प्रयास न करना महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की घोर संवेदनहीनता है। एएसपी पूर्वी सुरेश चंद रावत का कहना है कि अबतक की पड़ताल से आत्महत्या की आशंका गहरा रही है। डायरी में लिखा सूइसाइड नोट खुद युवती ने लिखा या किसी और ने, इसकी पुष्टि के लिए डायरी को फरेंसिक लैब भेजकर हैंडराइटिंग का मिलान करवाया जा रहा है।

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