विदेशियों को लूटने के लिए  प्रवासी उड़िया संतोष बेहरा बना जैक डैनियल,अपने 2 साथियों सहित हुआ गिरफ्तार

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ओडिशा स्थित गंजाम जिल्हा के वंथपली गांव से मुम्बई दो हजार किलोमीटर नौकरी की तलाश में आया संतोष बेहेरा बन गया हार्डकोर क्रिमिनल, बेहेरा इस बारदात की मास्टरमाइंड है,विदेशियों को लूटने और पुलिस से बचने के लिए संतोष बेहरा ने अपना नाम जैक डैनियल रख लिया इसके बाद बेहद शातिर संतोष बेहरा उर्फ जैक डैनियल ने नकली ट्रैवेल एजेंट बन गया और शिकार की तलाश में लग गया।इसके लिए संतोष बेहेरा ने अपने मूल राज्य ओडिशा व महाराष्ट्र को छोड़कर सीधे हिमाचल प्रदेश के शिमला का पत्ता बताकर पंचकूला,हरयाणा से पासपोर्ट भी बनवा लिया ,पुलिस को संदेह है कि संभबत संतोष बेहेरा ने नकली दस्तावेजो के आधारपर पासपोर्ट बनाया होगा ,जबकि संतोष बेहेरा का असली मतदान पहचान पत्र उसके मूल गांव ओडिशा के गंजाम जिल्हा से जारी हुआ है,पनवेल ग्रामीण पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक राजपूत ने बताया कि अपनी इस योजना को साबित करने के लिए संतोष बेहरा ने अपनी टीम बनाया और लोगों को फंसाने में जुट गया। इसी दौरान जैक डैनियल बना संतोष बेहरा अपने साथियों के साथ अफगानिस्तान से भारत आये एक युवक व उनके साथियों को मौका मिलते ही लूट लिया। फिलहाल अफगानियों को लूटने वाले संतोष बेहरा और उसे दो साथी लुटेरों को पनवेल तालुका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लुटेरों में संतोष बेहरा उर्फ जैक डैनियल, महेश लोखंडे और सूरज कालघरे का समावेश है। तीनों लुटेरे 30 से 35 वर्ष की आयु के हैं। लूटे गए युवक कनाडा जाना चाहते। लुटेरों ने अफगानिस्तान से आये युवकों को कनाडा का वीजा दिलाने के लिए पहले अपने जाल में फंसाया और फिर उन्हें बहकाकर पनवेल-पुणे हाइवे तक लेकर आये और लूटकर फरार हो गए।

लुटेरों में से एक संतोष बेहरा ने जैक डैनियल नामक नकली नाम से खुद को ट्रैवेल एजेंट बता रखा था। इसी दौरान अफगानिस्तान स्थित काबुलटोलो नामक एक ट्रैवेल कंपनी ने जैक डैनियल बने संतोष बेहरा से संपर्क किया व सईद मिस्कतीन सादात नामक एक 27 वर्षीय अफगानी युवक को कनाडा भेजने के लिए भारत भेजा था। इसके बाद सईद मिस्कतीन सादात अपने दो साथियों के साथ दिनांक 23 अप्रैल को भारत आ गया था और नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर स्थित एक होटल में रुक गया था। तब जैक डैनियल बने संतोष बेहरा ने सईद मिस्कतीन सादात से बीते शनिवार नवी मुंबई स्थित होटल में जाकर मिला और वीजा तैयार हो जाने की बात कही। उसी समय संतोष बेहरा ने सईद मिस्कतीन सादात से कहा कि यहां से सीधे एयरपोर्ट चलने से पहले वीजा प्राप्त करने के लिए उनके वरिष्ठ अधिकारियों से मिलना होगा।

जब वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए सईद मिस्कतीन सादात तैयार हो गए तो संतोष बेहरा ने ओला कार बुला लिया। बेलापुर के होटल से सईद मिस्कतीन सादात व उनके दोनों साथियों को लेकर संतोष बेहरा एयरपोर्ट जाने के बदले उन्हें सायन-पनवेल महामार्ग से पनवेल की दिशा में ले गया। भोकरपाड़ा गांव के पास पहुंचते ही संतोष बेहरा ने शौचालय जाने के बहाने कार रुकवाई। इसी दौरान संतोष बेहरा ने दूसरी कार से आये अपने अन्य साथियों से बात किया। लूट की योजना को आगे बढ़ाते हुए संतोष बेहरा ने अपने साथियों की तरफ इशारा करते हुए सईद मिस्कतीन सादात से कहा कि यह लोकल पुलिस अधिकारी हैं और आपके सामान की तलाशी लेंगे। इसके बाद पुलिस बने लुटेरों ने सईद मिस्कतीन सादात व उनके साथियों के सामान की जांच व तलाशी लेने के बहाने लाखों रुपये की नकदी, कीमती सामग्री व उनके बैग को लूटकर फरार हो गए।

लूट का शिकार होने के बाद सईद मिस्कतीन सादात किसी तरह से पनवेल तालुका पुलिस स्टेशन तक पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने लुटेरों की तेजी से तलाश शुरू कर दिया। पुलिस को जल्द ही जैक डैनियल बने संतोष बेहरा का पता चल गया। संतोष बेहरा मूलतः ओडिशा के निवासी निकला। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन व अन्य सूत्रों से संतोष बेहरा को ढूंढ निकाला। वह अपने मूल गांव ओडिशा भागने कोणार्क एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट निकल रखा था । इसके बाद संतोष बेहरा की शिनाख्त पर पुलिस ने पहले महेश लोखंडे को गिरफ्तार किया व बाद में सूरज कालघरे को भिवंडी से धर दबोचा। न्यायालय में प्रस्तुत किये जाने के बाद तीनों लुटेरों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

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