मुझे उत्साहित होने से ज्यादा शांत रहने की जरूरत: रोहित शर्मा

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के. श्रीनिवासराव
अपने दूसरे विश्व कप टूर्नमेंट में हिस्सा लेने को तैयार हिट मैन रोहित शर्मा बखूबी जानते हैं कि इस वर्ल्ड कप अभियान के लिए आखिर उन्हें खुद को किस ढंग से तैयार करना है। हमारे सहयोगी ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने रोहित शर्मा से उनके इस मिशन को लेकर खास चर्चा की… पेश है बातचीत के खास अंश…

इस वर्ल्ड कप के आपके लिए क्या मायने हैं?
यह एक बड़ा सपना सच होने जैसा है। कोई भी बच्चा जब बड़ा हो रहा होता है, तो वह अपनी-अपनी फील्ड के ऐसे ही सर्वोच्च पलों के सपने संजोता है। बतौर क्रिकेट जब आप ग्रो करते हैं, तो आपके दिमाग में वर्ल्ड कप खेलने के ही सपने होते हैं कि आप भी उस टीम का हिस्सा बने, जो वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी और उसे जीतें- हर युवा के सपनों की कहानी ऐसी ही होती है। मेरा भी ऐसा ही सपना है।

और 2011 में आप टीम का हिस्सा नहीं थे…
हां जरूर, और इससे मुझे किसी प्रकार का दुख नहीं है।

इस स्तर पर, सफल होने के लिए आप में कुछ खास तरह का उत्साह होना चाहिए? यह अपने आप में कुछ उल्टा सा है अकसर क्रिकेटर से धैर्य बनाए रखने की उम्मीद की जाती है।
देखिए, किसी को भी अपने उत्साह और धैर्य दोनों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत होती है। उत्साह और जोश तो आपमें अपने आप से ही होता है लेकिन धैर्य आपको सीखना पड़ता है। अगर इस स्तर पर लगातार खेलते रहना चाहते हैं तो वह जोश से ज्यादा धैर्य ही है, जिसकी आपको सबसे ज्यादा जरूरत है।

तो आप कह रहे हैं यह रोहित शर्मा उस रोहित से बहुत अलग है, जिसे हम जानते हैं…
एक सौ प्रतिशत, हां। बीते सालों ने मुझे बहुत बदल दिया है।

वर्ल्ड कप जैसे लक्ष्य को हासिल करने के लिए आपमें कुछ हद तक जोश होना ही चाहिए, और इसके साथ ही धैर्य की भी जरूरत होती है। क्या कहते हैं आप?
इस मौके पर मुझे जो चाहिए वह धैर्य है जोश नहीं, क्योंकि मैं अपने हिस्से की उतनी क्रिकेट खेल चुका हूं, जिससे मैं यह समझ सकूं कि मेरे लिए क्या काम करता है और क्या नहीं। जब कभी भी मैंने उत्साह और जोश दिखाया है तो मैं अपनी रणनीतियों से भटकता ही दिखा हूं। यह मेरे साथ कई बार हो चुका है। जब आप दिमागी रूप से सही फ्रेम में नहीं होते, तो आप सही फॉर्म में भी नहीं हो सकते। ज्यादा उत्साह दिखाने से मेरा नुकसान ही हुआ है। अलग-अलग चीजें अलग-अलग लोगों के लिए काम आती हैं।

ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने मुझे बताया कि रोहित शर्मा से बात करना हमेशा ही आसान रहता है, आप उनसे खुलकर अपनी बात कह सकते हैं। ऐसा लगता है कि आप उन्हें उनकी बात सुनकर कॉन्फिडेंस देते हैं..
मैं हमेशा से ही अच्छा सुनने वाला रहा हूं। मैं ऐसा ही हूं। लोगों की बात सुनने में कोई बुराई नहीं है- भले ही आप उसकी बात सुन रहे हैं, जिसने अभी-अभी ही यह खेल खेलना शूरू किया है। एक चीज साफ है कि आप ऐसा नहीं मान सकते कि अकेले आप ही चतुर हैं। क्योंकि ऐसा कभी नहीं हो सकता। मैं हमेशा लोगों की राय को पसंद करता हूं और अंत में आपको खुद ही निर्णय लेना है उन राय पर आप अमल करें या नहीं।

आप जिस प्रकार अपनी पारी को बनाते हैं वह दुनिया के दूसरे बल्लेबाजों की अपेक्षा में काफी उल्टा है। और ज्यादातर मौकों पर आपका यह स्टाइल आपके लिए अच्छा साबित होता है। अपनी पारी संवारने के आप अपना जरूरी समय लेत हैं…
जो मेरे लिए काम करता है मैं उसी पर काम करूंगा। मैं अपनी योजनाओं के साथ ही खेलने उतरूंगा। मैंने जो दोहरे शतक बनाए हैं, तो आपने देखा होगा कि मैंने इस पारी में कितनी बॉल खर्च कीं। मैं पहले अपने पहले 10 रन पर सोचता हूं, फिर पहले 50 रन पर और फिर पहले 70-80 रन। यह बहुत कम ही होता है कि पहली 5 बॉल पर 10 रन बन जाएं या पहली 25 बॉल पर ही 50 रन बना दूं। आप समझ रहे हैं मैं क्या कहना चाह रहा हूं- लेकिन मैं वहां मौजूद होता हूं। मैं अपने कुछ निश्चित प्लान से ही काम करता हूं, जिन पर मैं खरा उतरा हूं। कभी-कभी ऐसे भी दिन आते हैं, जब मैं खूब रन उड़ाता हूं।

स्वभाविक है कि जब आप 350 और 370 रन का पीछा कर रहे हैं, तो आपको अपने गियर बदलने पडे़ंगे। तब इतना समय किसी के पास नहीं होता कि वह पहले सेट होने के इंतजार करे और फिर रन बनाए। लेकिन आपने पूछा है कि मैं किस ढंग से खेलना पसंद करता हूं तो बता दूं तो यह सब निर्भर करता है कि कंडिशंस कैसी हैं और आपके विरोधी का क्या हाल है।

आपने पिछले 2 महीने अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के साथ बिताए। इसमें आपके साथी खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह भी शामिल थे। ये दोनों ही खिलाड़ी भारत के वर्ल्ड कप मिशन के लिए अहम साबित होने वाले हैं…
वे शानदार ढंग से अपना खेल बना रहे हैं। दोनों ही पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। दोनों ऐसे क्रिकेटर हैं, जो पॉजिटिव माइंड सेट के साथ खेलते हैं। उन्होंने बीते कुछ महीनों में टीम इंडिया के लिए शानदार किया है। दोनों में सबसे अच्छी बात यह है कि वह लगातार अपने खेल को और बेहतर और बेहतर बनाना चाहते हैं। हार्दिक ने आईपीएल में भी कई बार अहम मौकों पर अपनी क्षमताओं को साबित किया है और वह ऐसे खिलाड़ी हैं, जो मौका आने पर टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देना चाहते हैं।

क्या आप नेट्स में बुमराह को खेलना पसंद करते हैं…
क्या मेरे पास कोई और चॉइस है? हर दूसरे, तीसरे दिन मैं नेट्स में उनका सामना करता हूं। वह नेट्स में और भी खतरनाक दिखता है क्योंकि उसका ऐक्शन इस ढंग का है आप उसे खुले नेट्स में खेलना ज्यादा पसंद करेंगे। उनको पढ़ पाना बहुत मुश्किल होता है और वो अपने पेस में जो चेंज करते हैं वह बहुत अलग होता है। वह बहुत खास हैं।

इंग्लैंड में गर्मियों का मौसम बड़ा बड़ा पेचीदा होता है। पिछला साल बहुत गरम था। इस साल भी इसके ऐसा ही रहने की उम्मीद है। 2013 में मौसम पूरा हवादार और बादलों से घिरा रहा था…
मौमस ऐसी चीज है, जिस पर हम भी आस लगाए हैं। अगर यह ऐसा ही होने वाला है, जैसा इंग्लैंड में पिछले साल था, तो यह बल्लेबाजों के लिए सुनहरा तोहफा साबित होगा। 2013 में यह ज्यादातर बादलों भरा ही था। कुछ मैच धुल भी गए थे। अब अगर आप हाल ही में खत्म हुई इंग्लैंड पाकिस्तान की सीरीज देखें, तो यह गरम ही रहा। बीते साल जब हम भी यहां थे तो यह बहुत गरम था। हम कंडिशंस के लिहाज से अपनी टीम चुनेंगे और मैं मानता हूं कि कलाइयों के स्पिनर हमारे लिए उपयोगी साबित होंगे।

भारत के पास शानदार अटैक है…
विराट के पास चुनने के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। उनेक पास फुल टाइम ऑफ स्पिनर, पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर हैं उनके पास मीडियम पेस के भी विकल्प हैं, तीन फास्ट बोलर भी हैं और लेफ्ट आर्म के विकल्भ भी हैं। हमारे पास उतना ही शादार अटैक है, जितना शानदार हम चुन सकते थे।

क्या आपको लगता है कि भारत किसी ऐसे खिलाड़ी को मिस कर रहा है, जो मिडल ऑर्डर में खेल को बदल सके, नंबर 3 पर विराट के अलावा कोई?
मैं मानता हूं कि हमारी टीम शानदार है और हम टॉप 3 (मैं, विराट और शिखर) को अपनी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा बैटिंग करनी होगी। यह ऐसा नहीं है कि कल मैंने बनाया आज तेरी बारी। हमें यह लगातार करना होगा तभी टीम के लिए जरूरी स्कोर बोर्ड पर टंगेगा।

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